भारतीय शास्त्रीय नृत्यकला का परिचय भारत में नृत्य की परंपरा प्राचीन समय से रही है। हड़प्पा सभ्यता की खुदाई से नृत्य करती हुई लड़की की मूर्ति पाई गई है, जिससे साबित होता है कि उस काल में भी नृत्यकला का …
ऑक्सीजन का मानव शरीर पर प्रभाव ऑक्सीजन हमारी जीवित प्रक्रियाओं को ईंधन देती है। यह हमारी मांसपेशियों को सिकोड़ता है, हमारी कोशिकाओं को काम करने, बढ़ने और पुनर्जीवित करने में मदद करता है, हमारे दिमाग को खिलाता है, हमारी नसों …
रक्त (Blood) शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण तरल पदार्थ है। यह पानी से गाढ़ा होता है, और थोड़ा चिपचिपा लगता है। शरीर में रक्त का तापमान 38 ° C (100.4 ° F) है, जो शरीर के तापमान से लगभग एक …
स्थानीय पवन (Local Wind) स्थानीय धरातलीय बनावट, तापमान एवं वायुदाब की विशिष्ट स्थिति के कारण प्रचलित पवनों के विपरीत प्रवाहित होनें वाली पवनें “स्थानीय पवनों” के रूप में जानी जाती हैं। इनका प्रभाव अपेक्षाकृत छोटे क्षेत्रों पर पड़ता है। तापमान …
भारत का संविधान भारत को एक सार्वभौमिक, समाजवादी गणराज्य की उपाधि देता है। भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जिसका द्विसदनात्मक संसद वेस्टमिन्स्टर शैली के संसदीय प्रणाली द्वारा संचालित है। हमारे संविधान में राज्य की शक्तियों को तीन अंगों में बाँटा गया है- कार्यपालिका, विधायिका तथा न्यायपालिका। इसके अनुसार विधायिका का …
1- हमारे सौर मंडल में ग्रहों की बात करें तो मंगल सूरज से 14.2 करोड़ मील की दूरी पर है. सौर मंडल में धरती तीसरे नंबर पर है जिसके बाद चौथे नंबर पर मंगल है. धरती सूरज से 9.3 करोड़ …
क्या है रोगाणुरोधी प्रतिरोध ? रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance-AMR) का तात्पर्य किसी भी सूक्ष्मजीव (बैक्टीरिया, वायरस, कवक, परजीवी, आदि) द्वारा एंटीमाइक्रोबियल दवाओं (जैसे एंटीबायोटिक्स, एंटीफंगल, एंटीवायरल, एंटीमाइरियल और एंटीहेलमिंटिक्स) जिनका उपयोग संक्रमण के इलाज के लिये किया जाता है, के खिलाफ प्रतिरोध हासिल …
राजवंश संस्थापक अंतिम शासक राजधानी हर्यंक बिंबिसार नाग-दसक राजगृह (गिरिव्रज) शिशुनाग शिशुनाग नंदीवर्धन वैशाली, पाटलिपुत्र नंद महापद्म नंद धनानंद पाटलिपुत्र मौर्य चंद्रगुप्त मौर्य बृहद्रथ पाटलिपुत्र शुंग पुष्यमित्र शुंग देवभूति पाटलिपुत्र कण्व वासुदेव सुशर्मा पाटलिपुत्र शक मोगा रुद्रसिंह तृतीय तक्षशिला, मथुरा …
1. 1950 में अपनाया गया भारतीय राष्ट्रगान स्वतंत्रता के समय, भारत में आधिकारिक राष्ट्रगान नहीं था। 1911 में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित गीत ‘भारतो भाग्य बिधाता’ का नाम बदलकर ‘जन गण मन’ कर दिया गया और 24 जनवरी, 1950 को …
विश्व की नदियाँ दुनिया की सबसे लंबी नदी नील दुनिया की सबसे बड़ी नदी (आयतन के हिसाब से ) अमेज़न यूरोप की सबसे लंबी नदी वोल्गा उत्तरी अमेरिका की सबसे लंबी नदी मिसिसिपी-मिसौरी एशिया की सबसे लंबी नदी यांग्त्ज़ी ओशिनिया …
‘संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय’ (UNCCD) 1994 में स्थापित। यह पर्यावरण और विकास को स्थायी भूमि प्रबंधन से जोड़ने वाला एकमात्र कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता है। यह एकमात्र ऐसा सम्मेलन है जो रियो सम्मेलन के एजेंडा 21 की सीधी …
सिंधु घाटी सभ्यता का परिचय सिंधु घाटी सभ्यता दुनिया की चार सबसे प्रारंभिक सभ्यताओं में से एक थी। अन्य सभ्यताएँ थी : टाइग्रिस और यूफ्रेट्स नदी के किनारे मेसोपोटामिया की सभ्यता, नील नदी के किनारे मिस्र की सभ्यता और ह्वांग …
सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल हड़प्पा (सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल) हड़प्पा इस सभ्यता का पहला खोजा गया स्थल है जिसकी खुदाई 1921 में दया राम साहनी के नेतृत्व में की गई थी। यह अपने परिपक्व चरण के …
भारतीय पाषाण युग का परिचय पाषाण युग इतिहास का वह काल है जब मानव का जीवन पत्थरों (संस्कृत – पाषाणः) पर अत्यधिक आश्रित था। इस समय में रहने वाले प्राचीन मानव पत्थर के औजार बनाकर और पत्थर से बनाई गई चीजें उपयोग …
भारत में मंदिर स्थापत्य कला का परिचय हिंदू मंदिर वास्तुकला में कई प्रकार की शैली है, हालांकि हिंदू मंदिर की मूल प्रकृति एक समान है। हिंदू मंदिर वास्तुकला कला के संश्लेषण, धर्म के आदर्शों, विश्वासों, मूल्यों और हिंदू धर्म के …
झील झील एक सतही जल निकाय है जो भूमि के भीतर पानी का एक बड़ा हिस्सा (तालाब से बड़ा और गहरा) होता है। झीलें नदियों से पानी लेती हैं या पानी के स्रोत के रूप में कार्य करती हैं। पृथ्वी …
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board) यह पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक सांविधिक निकाय है। इसकी स्थापना 1974 में जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम 1974 के तहत की गई थी। मुख्यालय: नई दिल्ली …
प्राचीन भारत की जल संचयन प्रणाली हमारे देश में जल संसाधनों के प्रबन्धन का इतिहास बहुत पुराना है। प्राचीन काल से ही भारतीय लोगों ने सभ्यता और संस्कृति के विकास के साथ-साथ भारत की जलवायु, मिट्टी की प्रकृति और अन्य …