अनेक शब्दों के लिए एक शब्द ( One Word Substitution)
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द ( One Word Substitution) भाषा को सरल, सुदृढ़ और आसान रूप में व्यक्त करने के लिए अनेक वाक्यो के लिए एक
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द ( One Word Substitution) भाषा को सरल, सुदृढ़ और आसान रूप में व्यक्त करने के लिए अनेक वाक्यो के लिए एक
भारत का गणतंत्र दिवस गणतन्त्र दिवस (गणतंत्र दिवस) भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, तत्र देवता: रमन्ते। किसी भी देश की प्रगति का आंकलन करना है तो यह देखिए की वहां की नारी कितनी सशक्त है।
सकारात्मक सोच एक गाँव में दो साधू रहते थे, दोनों साधू गाँव की सीमा से लगी एक झोपडी में पूजा पाठ करते थे, एक दिन
हमारे पूर्वजों का जीवन कठिन था , हमारा जीवन जटिल है…! मेरी मां जीवन के अंतिम वर्षों में अकेलेपन ,निरर्थकता बोध और स्वास्थ्य समस्याओं के
युगपुरुष स्वामी विवेकानंद भारत के महान पुरुषों में से एक और महान विचारक स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी को मनाई जाती है। इसे देश
प्रकृति के तीन नियम, जो शाश्वत है !!! 1. प्रकृति का पहला नियम : यदि खेत में बीज न डालें जाएं, तो कुदरत उसे घास-फूस
मनुष्य के जीवन में 23 प्रश्न हमेशा कभी ना कभी हर व्यक्ति के मस्तिष्क में आते रहते हैं उन्हीं प्रश्नों का बहुत ही सुंदर एवं
प्रणाम का महत्व महाभारत का युद्ध चल रहा था- एक दिन दुर्योधन के व्यंग्य से आहत होकर “भीष्म पितामह” घोषणा कर देते हैं कि- “मैं
गंगा जल सुना है अमेरिका में एक लीटर गंगाजल 250 डालर में मिलता है। अंग्रेज जब कलकत्ता से वापस इंग्लैंड जाते थे, तो पीने के
सात्विक विचार एवं कटु सत्य आपके घर में जब तक कोई पुण्य शाली व्यक्ति होता है, तब तक आपके घर में कोई नुकसान नहीं हो
अत्यंत विचारणीय संदेश हमारे देश भारत में खासकर हिन्दू परिवार परम्परा का पतन होना प्रारम्भ हो चुका है। रक्त के 5 रिश्ते समाप्त होने की
एक एक कर पढें कि संस्कृत किस तरह भारत की नींव है। विभिन्नन्न संस्थाओं के संस्कृत ध्येय वाक्य….._ ● भारत सरकार 👉 सत्यमेव जयते ●
कभी 12 हजार करोड के मालिक थे विजयपत सिंघानिया, अब किराए के मकान में काट रहे दिन। रेमंड ग्रुप के संस्थापक विजयपत सिंघानिया इन दिनों
प्रेरक प्रसंग “अस्पृश्य (अछूत)” भगवान बुद्ध की धर्मसभा चल रही थी। गौतम बुद्ध ध्यानमग्न अवस्था में बैठे चिंतन कर रहे थे। तभी बाहर खड़ा कोई
“मिट्टी के बर्तन” आज से लगभग 25-30 वर्ष पूर्व हमारे घर पर भोजन निर्माण में अधिकतर मिट्टी के बर्तन का ही उपयोग होता था,दाल बनाने
प्रेरक प्रसंग !! दृढ़निश्चय !! एक बार एक संत महाराज किसी काम से एक कस्बे में पहुंचे। रात्रि में रुकने के लिए वे कस्बे के
प्रेरक प्रसंग !! संस्कार !! एक राजा के पास सुंदर घोड़ी थी। कई बार युद में इस घोड़ी ने राजा के प्राण बचाए और घोड़ी
लघुकथा “बेटा!.गाड़ी साफ कर दूं?” रंजीत ने जैसे ही फ्यूल भरवाने के लिए अपनी कार पेट्रोल पंप पर रोका एक बुजुर्ग भागकर उसकी गाड़ी के
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जन्म : 3 दिसंबर 1884 मृत्यु : 28 फरवरी 1963 राजेन्द्र प्रसाद एक स्वतंत्र कर्मचारी, सदस्य और बाद में 1950 से भारत
हॉकी के जादूगर ‘मेजर ध्यानचंद’ जन्म : 29 अगस्त 1905 मृत्यु : 03 दिसंबर 1979 ध्यानचंद एक भारतीय फील्ड हॉकी प्लेयर थे। जिन्हें बड़े पैमाने
कालिदास का अहंकार कालिदास बोले :- “माते पानी पिला दीजिए बड़ा पुण्य होगा” ! स्त्री बोली :- बेटा मैं तुम्हें जानती नहीं. अपना परिचय
तुम और मैं पति पत्नी थे तुम माँ बन गईं, मैं पिता रह गया। तुमने घर सम्भाला, मैंने कमाई लेकिन तुम “माँ के हाथ का