Latest Post -:

World Health Day: History, Importance, Theme, and How It Shapes Global Well-Being🌸National Maritime Day in India: History, Significance, and Role in Global Trade🌸International Carrot Day: History, Health Benefits, and Global Celebrations🌸MCQ Quiz on LPG vs CNG vs PNG🌸Understanding the Complete Process to Produce LPG, CNG & PNG: A Detailed Guide🌸LPG vs CNG vs PNG: A Complete Comparison of Fuel Types, Costs, Safety, and Uses🌸A Complete Guide to Liquefied Petroleum Gas (LPG): Uses, Benefits, Safety, and Future Outlook🌸Odisha Day: History, Significance, Celebrations, and Cultural Heritage of Utkal Divas🌸Mahavir Jayanti: Significance, History, Teachings, and Celebrations Explained🌸Vocabulary For All Competitive Exams | 25.03.2026🌸Daily Current Affairs, News Headlines 25.03.2026🌸Eiffel Tower Day: Celebrating the Icon of Engineering and Culture🌸Rajasthan Day: Celebrating the Formation, Culture, and Heritage of India’s Royal State🌸World Theatre Day: Celebrating the Power, History, and Future of Theatre🌸Purple Day of Epilepsy: History, Awareness, Myths, and Global Impact Explained🌸One-Liner GK Questions🌸Anahat Singh Triumphs: Rising Star of Indian Squash Making Global Impact🌸Dr. Rammanohar Lohia: Life, Ideology, and Legacy of India’s Socialist Thinker🌸Assam Rifles Raising Day: History, Significance, and Role of India’s Oldest Paramilitary Force🌸World Tuberculosis Day: Understanding the Global Fight Against a Preventable Disease

“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers…

 

An Initiative by: Kausik Chakraborty.
World Health Day: History, Importance, Theme, and How It Shapes Global Well-Being🌸National Maritime Day in India: History, Significance, and Role in Global Trade🌸International Carrot Day: History, Health Benefits, and Global Celebrations🌸MCQ Quiz on LPG vs CNG vs PNG🌸Understanding the Complete Process to Produce LPG, CNG & PNG: A Detailed Guide🌸LPG vs CNG vs PNG: A Complete Comparison of Fuel Types, Costs, Safety, and Uses🌸A Complete Guide to Liquefied Petroleum Gas (LPG): Uses, Benefits, Safety, and Future Outlook🌸Odisha Day: History, Significance, Celebrations, and Cultural Heritage of Utkal Divas🌸Mahavir Jayanti: Significance, History, Teachings, and Celebrations Explained🌸Vocabulary For All Competitive Exams | 25.03.2026🌸Daily Current Affairs, News Headlines 25.03.2026🌸Eiffel Tower Day: Celebrating the Icon of Engineering and Culture🌸Rajasthan Day: Celebrating the Formation, Culture, and Heritage of India’s Royal State🌸World Theatre Day: Celebrating the Power, History, and Future of Theatre🌸Purple Day of Epilepsy: History, Awareness, Myths, and Global Impact Explained🌸One-Liner GK Questions🌸Anahat Singh Triumphs: Rising Star of Indian Squash Making Global Impact🌸Dr. Rammanohar Lohia: Life, Ideology, and Legacy of India’s Socialist Thinker🌸Assam Rifles Raising Day: History, Significance, and Role of India’s Oldest Paramilitary Force🌸World Tuberculosis Day: Understanding the Global Fight Against a Preventable Disease

“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers……….
An Initiative by: Kausik Chakraborty.

The Knowledge Library

जादुई गधा ~ अकबर और बीरबल की कहानियाँ

जादुई गधा ~ अकबर और बीरबल की कहानियाँ
एक दिन शहंशाह अकबर ने अपनी रानी को बहुत बेष कीमती हार तोहफे में दिया। रानी उस बेष कीमती हार को देखकर बहुत खुश हुईं।
अकबर – ये लीजिये आपके लिए हमारी तरफ से ये तोहफा।
रानी – ये तो बहुत खूबसूरत है। ऐसा हार तो मेरे पास एक भी नही है। मुझे ये बहुत पसंद आया, बहुत खूबसूरत है।
अकबर – हाँ रानी हो भी क्यूँ न खूबसूरत। मैंने इसे खास कारीगरों से बनबाया है। खास आपके लिए।
रानी – ये मुझे बहुत पसंद है। इसे मैं हमेशा अपने पास रखूंगी। इसे अपने से अलग नही होने दूंगी। मैं बहुत खुशनसीब हूँ जहाँ पनाह।
अकबर – हमे बहुत खुशी हुई, आपको ये हार पसंद आया। आप इसे जब भी पहनेगीं इसमें हमे आपका प्यार नज़र आएगा।
रानी – शुक्रिया जहाँ पनाह!
फिर जब सुबह को रानी सोकर उठती हैं और नहा कर तैयार होती हैं, तो उन्हें अपना हार नही मिलता है। वह बहुत दुखी हो जाती हैं।
रानी – कहां गया हार अभी तो यहीं रखा था, रात जब मैं सोई थी तभी मैंने उसे यहीं रखा था, कहां चला गया, मेरा हार कहीं खो गया। दासियों, दासियों कोई है यहाँ।
रानी के बुलाने पर वहाँ एक दासी आती है।
दासी – क्या हुआ महारानी जी!
रानी – हमारा हार कहीं खो गया है, हमे उसे ढूंढने में मदद कीजिए, रात सोने से पहले हमने उसे यहीं रखा था, लेकिन अब वह वहां नही है।
दासी – महारानी जी आप कोई दूसरा हार पहन लीजिये, आपके पास तो कई हार हैं।
रानी – नही, नही बिल्कुल नहीं, वो हार बहुत खास हार है। हमे वो जहाँ पनाह ने बहुत प्यार से दिया था। हमे वही हार चाहिए, कोई और दूसरा नही चाहिये।
ये बात कह कर रानी मायूस होकर बैठ जाती हैं, तभी वहाँ थोड़ी ही देर में अकबर आते हैं –
अकबर – क्या हुआ आपको, आप इतनी उदास क्यों बैठी हैं?
रानी – जहाँ पनाह, वो.. जहाँ पनाह आपने जो हार हमे तोहफे में दिया था, वो कहीं खो गया है।
अकबर – खो गया है, क्या मतलब खो गया है, आप कहना क्या चाहती हैं, कहीं वो आपने गिरा तो नही दिया।
रानी – जहाँ पनाह मैंने रात सोने से पहले उसे यहीं उतार कर रखा था, फिर न जाने वो कहाँ चला गया। जहाँ पनाह हमे माफ कर दीजिए, हम आपके तोहफे की हिफाज़त नही कर पाए। (और वह रोने लगीं)
अकबर – महारानी आप रोये मत। वो बस मामूली सा तोहफा था, हम आपके लिए और उससे भी अच्छा हार बनबा देंगे और हम आपसे वादा करते हैं। और हम आपको वो हार भी ढूंढ कर देंगे। बस आप परेशान न हों। आज आप हमारे कमरे में ही ठहर जाइये।
सिपाही तुम और दूसरे सिपाहियों और दासियो को लेकर जाओ और पूरे रानी के कमरे के हर एक कोने में जाकर ढूंढो हार को।
सिपाही – वो…वो, जहाँ पनाह महल के दूसरे हिस्सों में भी चोरियां हो चुकी हैं। हम सभी ने उस चोर को पकड़ने की बहुत कोशिश की, लेकिन न कामयाब हुए। आज तक उस चोर को हम नही पकड़ पाए।
अकबर – क्या, महल के दूसरे हिस्सों में भी चोरी हो चुकी है, इसकी खबर हमे क्यूँ नही दी गयी। जाओ पहले हार महारानी के कमरे में ढूंढो, अगर वहाँ नही मिलता है तो हम कुछ और सोचेंगे।
(तभी सिपाही थोड़ी देर बाद आता है)
सिपाही – जहाँ पनाह हम सबने हार सब जगह ढूंढ लिया लेकिन हार कहीं नही मिला।
अकबर – अब मामला गम्भीर है, अब सिर्फ बीरबल ही इस मामले को सुलझा सकते हैं। सिपाहियों बीरबल को अभी हमारे पास बुलाया जाए, हमे वो हार आज रात ही चाहिये।
(बीरबल थोडी ही देर में वहाँ हाज़िर होते हैं )
बीरबल – जहाँ पनाह आपने इतनी रात गए मुझे याद क्यूँ किया?
अकबर – दरसल बीरबल बात ये है, हमने अपनी रानी को तोहफे में एक बेष कीमती हार दिया था, लेकिन रानी जब सुबह उठीं तो हार वहां नही था। रानी बहुत उदास हैं, हम उन्हें उदास नही देख सकते। आपको हार आज रात ही ढूंढना होगा।
बीरबल – अच्छा तो ये मामला है, जहाँ पनाह एक बात तो पक्की है, चोर कोई सिपाहियों और दासियों में से ही है। इस बात का पता लगाने के लिये मुझे अपने एक दोस्त को बुला कर लाना पड़ेगा।
अकबर – दोस्त, कौन-सा दोस्त और आप क्यों जाना चाहते हैं, हमे बताइए हम आपके दोस्त को बुलबा देते हैं।
बीरबल – नही जहाँ पनाह उसको बुलाने सिर्फ मैं ही जा सकता हूँ। मेरा दोस्त कोई ऐसा-वैसा दोस्त नही है, उस पर जादुई शक्तियां हैं, जो हमे चोर को पकड़ने में मदद करेंगी।
अकबर – जाइये बीरबल अब तो हम भी आपके उस दोस्त से मिलने के लिय बेसब्री से इंतजार करेंगे।
बीरबल – जहाँ पनाह आप बस रानी के कमरे में पहरा देने बाले सिपाही और दासियों को बुलबाइये, मैं अभी अपने दोस्त को लेकर आता हूँ।

तभी थोड़ी देर में बीरबल एक गधे को लेकर महल में आते हैं।

Also Read  तीन प्रश्नों के उत्तर - अकबर बीरबल की कहानियां !
अकबर – बीरबल, ये क्या मजाक है, हमने तो तुम्हे तुम्हारा दोस्त लाने को कहा था, ये तो गधा है।
बीरबल – जी जहाँ पनाह यही है मेरा दोस्त, जिसे जादुई शक्ति आती हैं, यही हमारी चोर पकड़ने में मदद करेगा।
अकबर – ये कैसे तुम्हारी मदद करेगा, ये तुम्हे कैसे बताएगा कि चोर कौन है?
(बीरबल एक तम्बू में गधे को खड़ा कर देते हैं)
बीरबल – जहाँ पनाह इस तम्बू के अंदर एक-एक करके सिपाही और दासियो को भेजिए और इन सबको गधे की पूंछ पकड़ कर ये बोलना है कि मैंने चोरी नही की। जब ये सारे लोग गधे की पूंछ पकड़ लेंगे, तभी मेरा दोस्त बताएगा चोर कौन है।
अकबर – ठीक है! सिपाही और दासियो आप सभी लोग एक-एक कर गधे की पूंछ पकड़िए।
और फिर सभी सिपाही और दासी गधे की पूंछ पकड़ते हैं –
बीरबल – अब मैं अपने दोस्त से पूछ कर आता हूँ कि चोर कौन है।
(कुछ देर बाद) जहाँ पनाह हमे इन सभी के हाथ सूंघने हैं। और तभी हाथ सूंघने के बाद, ये सिपाही चोर है।
सिपाही – नहीं, जहाँ पनाह मैंने कोई चोरी नही की, मैंने तो आपकी इतने वर्षों से सेवा की है। इस गधे की गवाही कुछ साबित नही करती है।
अकबर – बीरबल तुम कैसे कह सकते हो कि यही चोर है। तुम गधे की बात कैसे समझ सकते हो।
बीरबल – जहाँ पनाह मैंने उस गधे की पूंछ पर एक खास इत्र लगा दिया था। इसलिए मैंने इन सभी से गधे की पूंछ पकड़ने को कहा और जहाँ पनाह मैं ये भी जानता था कि चोर पकड़े जाने के डर से गधे की पूंछ नही पकड़ेगा। उस इत्र की खुशबू सभी के हाथों में से आ रही थी। लेकिन जब मैंने इसके हाथ सूंघे, तो इसके हाथों में वह खुसबू नही आ रही थी। इसलिए यही चोर है।
अकबर – नमक हराम हम तुम्हे इसकी सजा देंगे।
सिपाही – नही जहाँ पनाह मुझे माफ़ कर दीजिए। मैं लालची हो गया था। मुझे माफ़ कर दीजिये। मैं चोरी की हुई सारी चीजें लौटा दूंगा। बस मुझे माफ़ कर दीजिए।
अकबर – नही तुम्हें माफ नही किया जा सकता है, जिस थाली में खाते हो उसी मे छेद करते हो, सिपाहियों ले जाओ इसे काल कोठरी में डाल दो।
बीरबल एक बार फिर आपने अपनी चतुराई से उस चोर को पकड़वा दिया, शुक्रिया बीरबल! शुक्रिया!
बीरबल – शुक्रिया जहाँ पनाह!

Sign up to Receive Awesome Content in your Inbox, Frequently.

We don’t Spam!
Thank You for your Valuable Time

Also Read  बुद्धि से भरा बर्तन |  Buddhi Se Bhara Bartan

Share this post

error: Content is protected !!