“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers…

An Initiative by: Kausik Chakraborty.
02/02/2023 11:12 PM

“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers……….
An Initiative by: Kausik Chakraborty.

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Schedule of Indian Constitution(भारतीय संविधान की अनुसूची)

अनुसूची-1: इसमें संघ एवं इसके राज्य क्षेत्रों के नामों का उल्लेख है -[29 राज्य + 7 केंद्रशासित प्रदेश ]
अनुसूची-2: इसमें विभिन्न पदाधिकारियों को दिए जाने वाले वेतन, भत्ते, और पेंशन का उल्लेख है|
राष्ट्रपति का वेतन :- 1.50 लाख
लोकसभा अध्यक्ष का वेतन :- 1.25 लाख
राज्यसभा के सभापति का वेतन :-1.25 लाख
राज्यपाल का वेतन :-1.10 लाख
सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का वेतन :-1लाख
सर्वोच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश का वेतन :-90 हजार
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का वेतन :-90 हजार
उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश का वेतन :-80 हजार
नियंत्रण एवं महालेखा परीक्षक का वेतन(CAG) :-90 हजार
अनुसूची-3: इसमें विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा पद ग्रहण करने से पूर्व ली जाने वाली शपथ का उल्लेख किया गया है |
पदाधिकारी-
राष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति
मंत्री
सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
अनुसूची-4:इसमें विभिन्य राज्यों तथा संघीय क्षेत्रों की राजसभा में प्रतिनिधित्व का उल्लेख किया गया है|
अनुसूची-5:इसमें SC/ST क्षेत्र का प्रशासन एवं नियंत्रण का उल्लेख है |
अनुसूची-6:इसमें असम, मेघालय, त्रिपुरा, और मिजोरम, दार्जिलिंग(पश्चिमी-बंगाल) के SC/ST क्षेत्र का प्रशासन एवं नियंत्रण का उल्लेख है|
अनुसूची-7:इसमें केंद्र एवं राज्यों में शक्तियों के विभाजन का उल्लेख है एवं इसके अंतर्गत तीन सूचियां हैं|
(1)संघ सूची:-(संघ/केंद्र सरकार)- इस सूची में दिए गए विषय पर केंद्र सरकार कानून बनाती है|
->संविधान के लागू होने के समय इसके अंतर्गत 97 विषय थे जो अब बढ़कर 100 हो गई है |
(2)राज्य सूची:-(राज्य सरकार)-> इस सूची में दिए गए विषय पर राज्य सरकार कानून बनाती है |
->संविधान के लागू होने के समय इसकेअंतर्गत 66 विषय थे जो अब घटकर 61 हो गई है|
(3)समवर्ती सूची:- इस सूची में दिए गए विषय पर केंद्र एवं राज्य दोनों सरकारें कानून बना सकती है|
->कानून के विषय समान होने पर केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है |
->संविधान के लागू होने के समय इसके अंतर्गत 47 विषय थे जो अब बढ़कर 52 हो गई है|
अनुसूची-8: इसमें भारत की 22 राष्ट्रीय भाषाओं का उल्लेख है |
->मूल संविधान में 14 भाषा थी, बाद में 8 अन्य भाषाओं को जोड़ा गया |
(1)सिंधी
(2)कोंकणी
(3)मणिपुरी
(4)नेपाली
(5)मैथिली
(6)संथाली
(7)डोगरी
(8)बोडो
->सिंधी को 1967 में शामिल किया गया |
->कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली को 1992 में शामिल किया गया |
->मैथिली, संथाली, डोगरी, बोडो को 2004 में शामिल किया गया |
अनुसूची-9: इसे प्रथम संविधान संशोधन 1951 के तहत जोड़ा गया|
->इस अनुसूची में संपत्ति अधिग्रहण, भूमि अधिग्रहण विधियों का उल्लेख है |
->इस अनुसूची में वर्णित विषयों को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है|
[Note:मूल अधिकार को छोड़कर]
अनुसूची-10: इसे 52वें संविधान संशोधन 1985 के तहत जोड़ा गया| इसमें “दल-बदल”निरोधी विधियों का उल्लेख है |
अनुसूची-11: इसे 73वें संविधान संशोधन 1993 के तहत जोड़ा गया तथा ग्रामीण स्थानीय स्वशासन (पंचायतीराज) को संवैधानिक मान्यता प्रदान की गई|
->पंचायतीराज को कार्य करने हेतु 29 विषय सौंपे गए |
अनुसूची-12: इसे 74 वें संविधान संशोधन 1993 के तहत जोड़ा गया तथा शहरी स्थानीय संस्थाओं (नगर पालिका) को संवैधानिक मान्यता प्रदान की गई |
->नगरपालिका को कार्य करने हेतु 18 विशेषताओं सौंपे गए |

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