“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers…

An Initiative by: Kausik Chakraborty.
02/02/2023 10:43 PM

“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers……….
An Initiative by: Kausik Chakraborty.

The Knowledge Library

सारा जग बेईमान | Sara Jag Beiman

Sara Jag Beiman Story in Hindi

बादशाह अकबर और बीरबल हमेशा की ही तरह एक दिन बैठकर अपनी प्रजा के बारे में बात कर रहे थे। बातों-ही-बातों में बादशाह ने कहा कि बीरबल तुम्हें पता है हमारी प्रजा बेहद ईमानदार है। इसका जवाब बीरबल ने ये कहते हुए दिया कि बादशाह सलामत, किसी भी राज्य में लोग पूरी तरह से ईमानदार नहीं होते हैं। सारा जग ही बेईमान है।

बादशाह को बीरबल की यह बात पसंद नहीं आई। उन्होंने पूछा, “बीरबल तुम ये कैसी बात कर रहे हो?”

बीरबल ने उत्तर दिया कि मैं एकदम सत्य कह रहा हूं। आप चाहो तो मैं अपनी बात अभी साबित कर सकता हूं।

इतना आत्मविश्वास देखकर बादशाह बोले, “ठीक है! जाओ तुम अपनी बात को सच साबित करके दिखाओ।”

बादशाह अकबर से इजाजत मिलते ही बीरबल पूरी प्रजा की बेईमानी बाहर लाने के लिए तरकीब सोचने लगे। उनके मन में हुआ कि लोग खुलकर बेईमानी नहीं करते हैं, इसलिए कुछ अलग करना होगा।

यह सोचते ही उन्होंने पूरे राज्य में यह एलान कर दिया कि बादशाह एक बड़ा सा भोज करना चाह रहे हैं। उसके लिए वो चाहते हैं कि पूरी जनता अपना योगदान दे। बस आप लोगों को ज्यादा कुछ नहीं एक लोटा दूध पतीले में डालना होगा। इतना ही प्रजा की तरफ से काफी है।

इस बात का एलान करवाने के बाद जगह-जगह पर एक-दो बड़े-बड़े पतीले रखवा दिए गए। इतना बड़ा पतीला और राज्य की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए, उसमें लोगों ने शुद्ध दूध डालने के बजाय पानी मिला हुआ दूध डाला। किसी-किसी ने तो सिर्फ पानी ही डाल दिया। हर किसी के मन में यही होता था कि सामने वाले ने तो दूध ही डाला होगा। अगर मैं पानी या पानी मिला हुआ दूध डाल दूंगा तो क्या ही हो जाएगा।

शाम तक पतीलों में दूध इकट्ठा हो गया। बीरबल अपने साथ बादशाह अकबर और कुछ रसोइयों को उन जगहों पर ले गए जहां पतीले रखे गए थे। बादशाह ने जिस भी पतीले में देखा तो दूध नहीं, सिर्फ सफेद पानी ही दिखा। रसोइयों ने भी कहा कि महाराज ये दूध नहीं है। ये सारा पानी ही है। इसमें मुश्किल से आधे से एक लोटा दूध होगा, जिसकी वजह से इसका रंग हल्का सफेद है। वरना ये पानी से ज्यादा कुछ नहीं।

इन सारी चीजों को देखकर बादशाह अकबर हैरान हो गए। उनके मन में हुआ कि मैं तो सबको ईमानदार समझता था, लेकिन बीरबल की ही बात सच निकली। उन्होंने बीरबल को कहा कि तुम ठीक ही कहते थे। मुझे हकीकत समझ आ गई है। इतना कहते हुए बादशाह, बीरबल और रसोइये वापस महल आ गए।

कहानी से सीख : किसी पर भी अंधा भरोसा नहीं करना चाहिए। मौका मिलने पर लोग बेईमानी करने से चूकते नहीं हैं।

Sign up to Receive Awesome Content in your Inbox, Frequently.

We don’t Spam!
Thank You for your Valuable Time

Advertisements

Share this post