“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers…

An Initiative by: Kausik Chakraborty.
03/12/2022 1:43 AM

Latest Post -:

Objective Questions on Tughlaq Dynasty (तुगलक वंश)🟢Objective Questions On Bharat me Europeano Ka Aagman (भारत में यूरोपियनों का आगमन)🟢भारतीय संविधान के विकास का इतिहास🟢1873 का चार्टर एक्ट🟢साइमन कमीशन🟢Cabinet Mission(कैबिनेट मिशन), 1946🟢माउंटबेटन योजना(Mountbatten Plan)🟢Important Points about Constituent Assembly of India🟢Constituent Assembly MCQ (संविधान सभा का वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Preamble of Indian constitution MCQ (भारतीय संविधान की प्रस्तावना वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Sources of Indian Constitution🟢Objective questions on Source of Indian Constitution (भारतीय संविधान के स्रोत का वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Schedule of Indian Constitution(भारतीय संविधान की अनुसूची)🟢Schedule of Indian constitution questions (भारतीय संविधान की अनुसूची का प्रश्न)🟢भारतीय संविधान के भाग(Parts of Indian Constitution)🟢MCQ On Parts of Indian Constitution (भारतीय संविधान के भाग का वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢MCQ on the union and its territory (संघ एवं उसका राज्यक्षेत्र का वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Important Points About Indian Citizenship(भारतीय नागरिकता)🟢Objective Questions Of Indian Citizenship (भारतीय नागरिकता का वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢शोषण के विरुद्ध अधिकार(Right against exploitation)

“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers…

 

An Initiative by: Kausik Chakraborty.
Objective Questions on Tughlaq Dynasty (तुगलक वंश)🟢Objective Questions On Bharat me Europeano Ka Aagman (भारत में यूरोपियनों का आगमन)🟢भारतीय संविधान के विकास का इतिहास🟢1873 का चार्टर एक्ट🟢साइमन कमीशन🟢Cabinet Mission(कैबिनेट मिशन), 1946🟢माउंटबेटन योजना(Mountbatten Plan)🟢Important Points about Constituent Assembly of India🟢Constituent Assembly MCQ (संविधान सभा का वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Preamble of Indian constitution MCQ (भारतीय संविधान की प्रस्तावना वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Sources of Indian Constitution🟢Objective questions on Source of Indian Constitution (भारतीय संविधान के स्रोत का वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Schedule of Indian Constitution(भारतीय संविधान की अनुसूची)🟢Schedule of Indian constitution questions (भारतीय संविधान की अनुसूची का प्रश्न)🟢भारतीय संविधान के भाग(Parts of Indian Constitution)🟢MCQ On Parts of Indian Constitution (भारतीय संविधान के भाग का वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢MCQ on the union and its territory (संघ एवं उसका राज्यक्षेत्र का वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Important Points About Indian Citizenship(भारतीय नागरिकता)🟢Objective Questions Of Indian Citizenship (भारतीय नागरिकता का वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢शोषण के विरुद्ध अधिकार(Right against exploitation)

“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers……….
An Initiative by: Kausik Chakraborty.

The Knowledge Library

संयम और साहस

बहुत दिन पहले किसी गांव में एक नाई रहता था। वह बहुत आलसी था। सारा दिन वह आईने के सामने बैठा टूटे कंघे से बाल संवारते हुए गंवा देता। उसकी बूढ़ी मां उसके आलसीपन के लिए दिन-रात फटकारती थी, लेकिन उसके कानों पर जूं भी नहीं रेंगती थी। आखिरकार एक दिन मां ने गुस्से में उसकी पिटाई कर दी। जवान बेटे ने खुद को बहुत अपमानित महसूस किया और घर छोड़ कर चला गया। उसने कसम खाई कि जब तक कुछ धन जमा नहीं कर लेगा, वह घर नहीं लौटेगा। चलते-चलते वह जंगल पहुंचा। उसे कोई काम तो आता नहीं था इसलिए अब वो भगवान को मनाने बैठ गया।अभी वह प्रार्थना के लिए बैठता, उससे पहले ही उसका एक ब्रम्हराक्षस से सामना हो गया। ब्रम्हराक्षस नाई को देखकर खुश हुआ और खुशी मनाने के लिए लिए नाचने लगा। यह देख नाई के होश उड़ गए, पर अपने डर को जाहिर नहीं होने दिया। उसने साहस बटोरा और राक्षस के साथ नाचने लगा।

कुछ देर बाद उसने राक्षस से पूछा- तुम क्यों नाच रहे हो? तुम्हें किस बात की खुशी है?राक्षस हंसते हुए बोला, मैं तुम्हारे सवाल का इंताज़ार कर रहा था। तुम तो निरे उल्लू हो। तुम समझ नहीं पाओगे। मैं इसलिए नाच रहा हूं कि मुझे तुम्हारा नरम-नरम मांस खाने को मिलेगा। वैसे, तुम क्यों नाच रहे हो? नाई ने ठहाका लगाते हुए कहा, मेरे पास इससे भी बढ़िया कारण है। हमारा राजकुमार सख्त बीमार है। चिकित्सकों ने उसे एक सौ एक ब्रम्हराक्षसों के हृदय का रक्त पीने का उपचार बताया है। महाराज ने मुनादी करवाई है जो कोई यह दवा लाकर देगा, उसे वे अपना आधा राज्य देंगे और राजकुमारी का विवाह भी उससे कर देंगे। मैंने सौ ब्रम्हराक्षस तो पकड़ लिए हैं। अब तुम भी मेरी गिरफ्त में हो।यह कहते हुए उसने जेब से छोटा आईना उसकी आंखों के सामने किया। आतंकित राक्षस ने आईने में अपनी शक्ल देखी। चांदनी रात में उसे अपना प्रतिबिम्ब साफ नज़र आया। उसे लगा कि वह वाकई उसकी मुट्ठी में है। थर-थर कांपते हुए उसने नाई से विनती की कि उसे छोड़ दे, पर नाई राज़ी नहीं हुआ। तब राक्षस ने उसे सात रियासतों के खज़ाने के बराबर धन देने का लालच दिया। पर इस भेंट में नाई ने दिलचस्पी न लेने का नाटक करते हुए कहा- पर जिस धन का तुम वादा कर रहे हो, वह है कहां और इतनी रात में उस धन को और मुझे घर कौन पहुंचाएगा?
राक्षस ने कहा, खज़ाना तुम्हारे पीछे वाले पेड़ के नीचे गड़ा है। पहले तुम इसे अपनी आंखों से देख लो, फिर मैं तुम्हें और इस खज़ाने को पलक झपकाते ही तुम्हारे घर पहुंचा दूंगा। राक्षसों की शक्तियां तुमसे क्या छुपी है, कहने के साथ ही उसने पेड़ को जड़ समेत उखाड़ दिया और हीरे-मोतियों से भरे सोने के सात कलश बाहर निकाले। खज़ाने की चमक से नाई की आंखें चौंधिया गईं, पर अपनी भावनाओं को छुपाते हुए उसने रौब से उसे आदेश कि वह उसे और खज़ाने को उसके घर पहुंचा दे। राक्षस ने आदेश का पालन किया। राक्षस ने अपनी मुक्ति की याचना की, पर नाई उसकी सेवाओं से हाथ नहीं धोना चाहता था। इसलिए अगला काम फसल काटने का दे दिया। बेचारे राक्षस को यकीन था कि वह नाई के शिकंजे में है। सो उसे फसल तो काटनी ही पड़ेगी।

वह फसल काट ही रहा था कि वहां से दूसरा ब्रम्हराक्षस गुजरा। अपने दोस्त को इस हालत में देख वह पूछ बैठा। ब्रम्हराक्षस ने उसे आपबीती बताई और कहा कि, इसके अलावा कोई चारा नहीं है। दूसरे ने हंसते हुए कहा, पागल हो गए हो? राक्षस आदमी से कहीं शक्तिशाली और श्रेष्ठ होते हैं। तुम उस आदमी का घर मुझे दिखा सकते हो? हाँ, दिखा दूंगा, पर दूर से। धान की कटाई पूरी किए बिना उसके पास जाने की मेरी हिम्मत नहीं है।यह कहकर उसने उसे नाई का घर दूर से दिखा दिया।

वहीं अपनी कामयाबी के लिए नाई ने भोज का आयोजन किया। और एक बड़ी मछली भी लेकर आया। लेकिन एक बिल्ली टूटी खिड़की से रसोई में आकर ज्यादा मछली खा गई।गुस्से में नाई की बीवी बिल्ली को मारने के लिए झपटी, पर बिल्ली भाग गई। उसने सोचा, बिल्ली इसी रास्ते से वापस आएगी। सो वह मछली काटने की छुरी थामे खिड़की के पास खड़ी हो गई। उधर दूसरा राक्षस दबे पांव नाई के घर की ओर बढ़ा। उसी टूटी हुई खिड़की से वह घुसा। बिल्ली की ताक में खड़ी नाइन ने तेज़ी से चाकू का वार किया। निशाना सही नहीं बैठा, पर राक्षस की लम्बी नाक आगे से कट गई। दर्द से कराहते हुए वह भाग खड़ा हुआ। और शर्म के मारे अपने दोस्त के पास वो गया भी नहीं।

पहले राक्षस ने धीरज के साथ पूरी फसल काटी और अपनी मुक्ति के लिए नाई के पास गया। धूर्त नाई ने इस बार उल्टा शीशा दिखाया। राक्षस ने बड़े गौर से देखा। उसमें अपनी छवि न पाकर उसने राहत की सांस ली और नाचता-गुनगुनाता चला गया।

इसलिए कहते हैं कि धैर्य और संयम से बड़ी मुसीबतें भी टल जाती हैं। साहस से बड़ी कोई शक्ति नहीं होती है|

Sign up to Receive Awesome Content in your Inbox, Frequently.

We don’t Spam!
Thank You for your Valuable Time

Advertisements

Share this post