“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers…

An Initiative by: Kausik Chakraborty.
05/12/2022 9:21 AM

Latest Post -:

Biology Objective Questions On Different Branches🟢Cell Biology Objective Questions (कोशिका एवं कोशिका विभाजन का वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Objective Questions and Answers: Animal Tissue(जन्तु ऊतक) 🟢Objective Questions and Answers Digestive system(पाचन-तंत्र) 🟢Objective Questions and Answers Human Blood (मानव रक्त) Part-1🟢Objective Questions and Answers Human Heart (मानव हृदय) 🟢Objective Questions and Answers Excretion system (उत्सर्जन तंत्र) 🟢Objective Questions and Answers Nervous system (तंत्रिका तंत्र) 🟢Objective Questions and Answers Skeleton system (कंकाल तंत्र)🟢 Objective Questions and Answers Endocrine system (अंतःस्रावी तंत्र)🟢Objective Questions on Mineral Resources of India and World (भारत और विश्व के खनिज संसाधन)🟢MCQ On Energy Resources (ऊर्जा संसाधन वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Objective Question on Industry of India (भारत के उद्योग)🟢Objective Question on Multipurpose Projects of India (भारत के बहुउद्देशीय परियोजना)🟢Objective Question on Rivers of India (भारत की नदियाँ)🟢Objective Question on National Park and Wildlife Sanctuary in India(राष्ट्रीय उद्यान तथा वन्य जीव अभयारण्य)🟢Objective Questions on Soils of India (भारत की मिट्टियाँ)🟢Objective Questions on Agriculture of India (भारत की कृषि)🟢Objective Questions on Indian Mountains and World Mountains (भारतीय पर्वत और विश्व के पर्वत)🟢Objective Questions on Natural Vegetation of India and World

“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers…

 

An Initiative by: Kausik Chakraborty.
Biology Objective Questions On Different Branches🟢Cell Biology Objective Questions (कोशिका एवं कोशिका विभाजन का वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Objective Questions and Answers: Animal Tissue(जन्तु ऊतक) 🟢Objective Questions and Answers Digestive system(पाचन-तंत्र) 🟢Objective Questions and Answers Human Blood (मानव रक्त) Part-1🟢Objective Questions and Answers Human Heart (मानव हृदय) 🟢Objective Questions and Answers Excretion system (उत्सर्जन तंत्र) 🟢Objective Questions and Answers Nervous system (तंत्रिका तंत्र) 🟢Objective Questions and Answers Skeleton system (कंकाल तंत्र)🟢 Objective Questions and Answers Endocrine system (अंतःस्रावी तंत्र)🟢Objective Questions on Mineral Resources of India and World (भारत और विश्व के खनिज संसाधन)🟢MCQ On Energy Resources (ऊर्जा संसाधन वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Objective Question on Industry of India (भारत के उद्योग)🟢Objective Question on Multipurpose Projects of India (भारत के बहुउद्देशीय परियोजना)🟢Objective Question on Rivers of India (भारत की नदियाँ)🟢Objective Question on National Park and Wildlife Sanctuary in India(राष्ट्रीय उद्यान तथा वन्य जीव अभयारण्य)🟢Objective Questions on Soils of India (भारत की मिट्टियाँ)🟢Objective Questions on Agriculture of India (भारत की कृषि)🟢Objective Questions on Indian Mountains and World Mountains (भारतीय पर्वत और विश्व के पर्वत)🟢Objective Questions on Natural Vegetation of India and World

“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers……….
An Initiative by: Kausik Chakraborty.

The Knowledge Library

पुरुषार्थ के पंख

बहुत समय पहले की बात है, एक राजा को उपहार में किसी ने बाज के दो बच्चे भेंट किये । वे बड़ी ही अच्छी नस्ल के थे और राजा ने कभी इससे पहले इतने शानदार बाज नहीं देखे थे। राजा ने उनकी देखभाल के लिए एक अनुभवी आदमी को नियुक्त कर दिया।

कुछ समय पश्चात राजा ने देखा कि दोनों बाज काफी बड़े हो चुके थे और अब पहले से भी शानदार लग रहे हैं । राजा ने बाजों की देखभाल कर रहे आदमी से कहा, ” मैं इनकी उड़ान देखना चाहता हूँ। तुम इन्हे उड़ने का इशारा करो। आदमी ने ऐसा ही किया। इशारा मिलते ही दोनों बाज उड़ान भरने लगे पर जहाँ एक बाज आसमान की ऊंचाइयों को छू रहा था वहीँ दूसरा , कुछ ऊपर जाकर वापस उसी डाल पर आकर बैठ गया जिससे वो उड़ा था। ये देख , राजा को कुछ अजीब लगा। “क्या बात है जहाँ एक बाज इतनी अच्छी उड़ान भर रहा है वहीँ ये दूसरा बाज उड़ना ही नहीं चाह रहा ?”, राजा ने सवाल किया।

सेवक बोला, “ जी हुजूर , इस बाज के साथ शुरू से यही समस्या है , वो इस डाल को छोड़ता ही नहीं।” राजा को दोनों ही बाज प्रिय थे , और वो दूसरे बाज को भी उसी तरह उड़ता देखना चाहते थे।

अगले दिन पूरे राज्य में ऐलान करा दिया गया कि जो व्यक्ति इस बाज को ऊँचा उड़ाने में कामयाब होगा उसे ढेरों इनाम दिया जाएगा।

फिर क्या था , एक से एक विद्वान् आये और बाज को उड़ाने का प्रयास करने लगे , पर हफ़्तों बीत जाने के बाद भी बाज का वही हाल था। वो थोडा सा उड़ता और वापस डाल पर आकर बैठ जाता।

फिर एक दिन कुछ अनोखा हुआ , राजा ने देखा कि उसके दोनों बाज आसमान में उड़ रहे हैं। उन्हें अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ और उन्होंने तुरंत उस व्यक्ति का पता लगाने को कहा जिसने ये कारनामा कर दिखाया था।

वह व्यक्ति एक किसान था। अगले दिन वह दरबार में हाजिर हुआ। उसे इनाम में स्वर्ण मुद्राएं भेंट करने के बाद राजा ने कहा , ” मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हूँ , बस तुम इतना बताओ कि जो काम बड़े-बड़े विद्वान् नहीं कर पाये वो तुमने कैसे कर दिखाया।“

“मालिक ! मैं एक साधारण किसान, ज्ञान की ज्यादा बातें नहीं जानता , मैंने तो बस वो डाल काट दी जिस पर बाज बैठने का आदि हो चुका था. जब वो डाल ही नहीं रही तो वो भी अपने साथी के साथ ऊपर उड़ने लगा।

इसी प्रकार देखा जाए तो जीवन में हम सभी ऊँची उड़ान भरने के लिए ही बने हैं। लेकिन कई बार हम जो कर रहे होते है उसके इतने आदि हो जाते हैं कि अपनी ऊँची उड़ान भरने की क्षमता को भूल जाते हैं।

जन्म जन्म हम व्यर्थ कामना एवं इच्छाओं की डाल पर बैठते आए हैं, और अज्ञानवश ये भी हमें स्मरण नहीं रहा कि जो हम आज कर रहे हैं, वही हम जन्मों जन्म करते अपनी गलत आदत बना ली है, और विस्मृत हो गए कि हम ऊंची उड़ान भर सकते हैं।

अतृप्त और व्यर्थ इच्छाओं कामनाओं की डाल पर बैठते बैठते मेहनत से बचने की आदत भी पड़ गई है और विस्मृत हो गया है कि ज्ञान और ध्यान रूपी पंख भी हैं हमारे पास, जिससे हम उड़ान भर सकते हैं पदार्थ से परमात्मा तक की, व्यर्थ से सार्थक तक की..!!

Sign up to Receive Awesome Content in your Inbox, Frequently.

We don’t Spam!
Thank You for your Valuable Time

Advertisements

Share this post