“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers…

An Initiative by: Kausik Chakraborty.
05/12/2022 11:25 AM

Latest Post -:

सदव्यवहार का जादू🟢पैरों के निशान🟢The HOPE Experiment....🟢जुड़वा भाई🟢लकड़ी का कटोरा🟢"मौन की महत्ता" : एक बोध कथा🟢Handling Anger🟢Biology Objective Questions On Different Branches🟢Cell Biology Objective Questions (कोशिका एवं कोशिका विभाजन का वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Objective Questions and Answers: Animal Tissue(जन्तु ऊतक) 🟢Objective Questions and Answers Digestive system(पाचन-तंत्र) 🟢Objective Questions and Answers Human Blood (मानव रक्त) Part-1🟢Objective Questions and Answers Human Heart (मानव हृदय) 🟢Objective Questions and Answers Excretion system (उत्सर्जन तंत्र) 🟢Objective Questions and Answers Nervous system (तंत्रिका तंत्र) 🟢Objective Questions and Answers Skeleton system (कंकाल तंत्र)🟢 Objective Questions and Answers Endocrine system (अंतःस्रावी तंत्र)🟢Objective Questions on Mineral Resources of India and World (भारत और विश्व के खनिज संसाधन)🟢MCQ On Energy Resources (ऊर्जा संसाधन वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Objective Question on Industry of India (भारत के उद्योग)

“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers…

 

An Initiative by: Kausik Chakraborty.
सदव्यवहार का जादू🟢पैरों के निशान🟢The HOPE Experiment....🟢जुड़वा भाई🟢लकड़ी का कटोरा🟢"मौन की महत्ता" : एक बोध कथा🟢Handling Anger🟢Biology Objective Questions On Different Branches🟢Cell Biology Objective Questions (कोशिका एवं कोशिका विभाजन का वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Objective Questions and Answers: Animal Tissue(जन्तु ऊतक) 🟢Objective Questions and Answers Digestive system(पाचन-तंत्र) 🟢Objective Questions and Answers Human Blood (मानव रक्त) Part-1🟢Objective Questions and Answers Human Heart (मानव हृदय) 🟢Objective Questions and Answers Excretion system (उत्सर्जन तंत्र) 🟢Objective Questions and Answers Nervous system (तंत्रिका तंत्र) 🟢Objective Questions and Answers Skeleton system (कंकाल तंत्र)🟢 Objective Questions and Answers Endocrine system (अंतःस्रावी तंत्र)🟢Objective Questions on Mineral Resources of India and World (भारत और विश्व के खनिज संसाधन)🟢MCQ On Energy Resources (ऊर्जा संसाधन वस्तुनिष्ठ प्रश्न)🟢Objective Question on Industry of India (भारत के उद्योग)

“The Knowledge Library”

Knowledge for All, without Barriers……….
An Initiative by: Kausik Chakraborty.

The Knowledge Library

गंगा जल

गंगा जल

सुना है अमेरिका में एक लीटर गंगाजल 250 डालर में मिलता है। अंग्रेज जब कलकत्ता से वापस इंग्लैंड जाते थे, तो पीने के लिए जहाज में गंगा का पानी ले जाते थे, क्योंकि वह सड़ता नहीं था। इसके विपरीत अंग्रेज जो पानी अपने देश से लाते थे वह रास्ते में ही सड़ जाता था।
करीब सवा सौ साल पहले आगरा में तैनात ब्रिटिश डाक्टर एमई हॉकिन ने वैज्ञानिक परीक्षण से सिद्ध किया था कि हैजे का बैक्टीरिया गंगा के पानी में डालने पर कुछ ही देर में मर गया।
वैज्ञानिक भी मानते हैं कि गंगा में बैक्टीरिया को मारने की अद्भुत क्षमता है।
लखनऊ के नेशनल बोटैनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट एनबीआरआई के निदेशक डॉक्टर चंद्र शेखर नौटियाल ने एक अनुसंधान में प्रमाणित किया है कि गंगा के पानी में बीमारी पैदा करने वाले ई-कोलाई बैक्टीरिया को मारने की क्षमता बरकरार है।
डॉ नौटियाल का इस विषय में कहना है कि गंगा जल में यह शक्ति गंगोत्री और हिमालय से आती है। गंगा जब हिमालय से आती है तो कई तरह की मिट्टी, कई तरह के खनिज, कई तरह की जड़ी बूटियों से मिलती मिलाती है।
कुल मिलाकर कुछ ऐसा मिश्रण बनता जिसे हम अभी नहीं समझ पाए हैं, डॉक्टर नौटियाल ने परीक्षण के लिए तीन तरह का गंगा जल लिया था, उन्होंने तीनों तरह के गंगा जल में ई-कोलाई बैक्टीरिया डाला। नौटियाल ने पाया कि ताजे गंगा पानी में बैक्टीरिया तीन दिन जीवित रहा, आठ दिन पुराने पानी में एक एक हफ्ते और सोलह साल पुराने पानी में 15 दिन। यानी तीनों तरह के गंगा जल में ई-कोलाई बैक्टीरिया जीवित नहीं रह पाया ।।
वैज्ञानिक कहते हैं कि गंगा के पानी में बैक्टीरिया को खाने वाले बैक्टीरियोफाज वायरस होते हैं, ये वायरस बैक्टीरिया की तादाद बढ़ते ही सक्रिय होते हैं और बैक्टीरिया को मारने के बाद फिर छिप जाते हैं। मगर सबसे महत्वपूर्ण सवाल इस बात की पहचान करना है कि गंगा के पानी में रोगाणुओं को मारने की यह अद्भुत क्षमता कहाँ से आती है…?
दूसरी ओर एक लंबे अरसे से गंगा पर शोध करने वाले आईआईटी रुड़की में पर्यावरण विज्ञान के रिटायर्ड प्रोफेसर देवेंद्र स्वरुप भार्गव का कहना है कि गंगा को साफ रखने वाला यह तत्व गंगा की तलहटी में ही सब जगह मौजूद है, डाक्टर भार्गव कहते हैं कि गंगा के पानी में वातावरण से आक्सीजन सोखने की अद्भुत क्षमता है। भार्गव का कहना है कि दूसरी नदियों के मुकाबले गंगा में सड़ने वाली गंदगी को हजम करने की क्षमता 15 से 20 गुना ज्यादा है ।।
गंगा माता इसलिए है कि गंगाजल अमृत है, जब तक अंग्रेज किसी बात को नहीं कहते, हम भारतीय सत्य नहीं मानते, इसलिए इस आलेख के वैज्ञानिकों के वक्तव्य (BBC Radio) बीबीसी हिन्दी सेवा से साभार लिया गया है।

Sign up to Receive Awesome Content in your Inbox, Frequently.

We don’t Spam!
Thank You for your Valuable Time

Advertisements

Share this post